रिश्ते जो
झूठ की बुनियाद
पर टिके हो
उनका विच्छेदित होना
ही बेहतर है|
संबंध जो
स्वार्थ के धरातल पर
बने हो
उनका खत्म होना ही
लाजिमी है
ऊची अट्टालिकाये
जिनकी नीव
पुख्ता न हो
उनका भरभराकर गिरना
सुनिशिचित है
छद्मवेष धारी
दोगले व्यक्तित्वो
की भीड़
से बेहतर है
अकेलापन
और
सत्य की शक्ति
